शनिवार, 9 अप्रैल 2011

अन्ना का व्रत सफल हो गया

कोई मुझको यह समझाना,
 बाबा ने छोड़ा क्यों खाना.

मैंने जब  मम्मी  से पूछा,
उनने मुझको यह समझाया.
क्यों कुछ भूखे सो जाते हैं,
कुछ के घर दौलत की माया.

खून पसीना जिनका बहता,
वे मेहनत का फल न पाते.
जिसपर उनका सच्चा हक़ है,
बेईमान  हिस्सा खा जाते.

करते काम नहीं मेहनत से,
अपने जो  कर्तव्य भुलाते.
गलत तरह जो पैसा लाते,
वे सब  भ्रष्टाचारी  कहलाते.

अन्ना बाबा का यह प्रण है,
इस पर हम को अंकुश पाना.
जब तक होता नहीं है ऐसा,
नहीं  मुझे  है  खाना  खाना.

माँ की बात समझ में आयी,
पर क्या कर सकते हैं बच्चे?
जब तक बाबा सफल न होते,
देंगे  छोड़  दूध  सब   बच्चे.

दूध  नहीं  छोडो  तुम  बेटे,
अन्ना का व्रत सफल हो गया.
उनको मिली सफलता प्रण में,
जनता का जय घोष  हो गया.

18 टिप्‍पणियां:

  1. अन्ना हजारे जी की सफलता पर सभी बच्चों को शुभआशीष|

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  2. उनकी कोशिश का पहला कदम कामयाब हुआ ........उन्हें सलाम

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  3. समाज सुधारक अन्ना हजारे जी

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  4. सार्थक आलेख, हार्दिक शुभकामनायें

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  5. दूध नहीं छोडो तुम बेटे,
    अन्ना का व्रत सफल हो गया.
    उनको मिली सफलता प्रण में,
    जनता का जय घोष हो गया.
    waah bahut sundar .

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