शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2011

लालची कुत्ता (काव्य-कथा)

हड्डी मिली एक कुत्ते को,
खुशी खुशी लेकर के भागा.
उसके रस्ते में एक पुल था,
उसने उससे पानी में झांका.

उसे नज़र आयी पानी में,
एक हड्डी कुत्ते के मुंह में.
कैसे वह हड्डी भी पाऊँ,
लालच जागा उसके मन में.

जैसे ही उसने मुंह खोला, 
भौंक डराने उस कुत्ते को.
हड्डी मुंह से गिरी छूट कर,
फिर अफसोस हुआ था उसको.

ज्यादा जो लालच करता है,
उसको पड़ता है पछताना.
जो तुमने मेहनत से पाया,
लालचवश न उसे गंवाना.

16 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर संदेश देती हुई संदेशमयी बाल कविता....

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  2. बहुत ही अच्छी कविता।
    -----
    कल 22/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर संदेश देती हुई बाल कविता|

    उत्तर देंहटाएं
  4. सुन्दर सन्देश देती हुई प्यारी रचना ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. ज्यादा जो लालच करता है,
    उसको पड़ता है पछताना.
    जो तुमने मेहनत से पाया,
    लालचवश न उसे गंवाना.

    Bahut achchha aur preranadayak bal geet...

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  6. सुन्दर प्रस्तुति |
    त्योहारों की यह श्रृंखला मुबारक ||

    बहुत बहुत बधाई ||

    उत्तर देंहटाएं
  7. बेहद रोचक ,सुन्दर सन्देश देती बाल कविता...

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  8. बच्चों के लिखना बच्चों की बात बेशक नहीं मगर मन के एक कोने में कोई बच्चा हुलसता हुआ होना चाहिए:)
    सुन्दर सन्देश

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  9. दीये की लौ की भाँति
    करें हर मुसीबत का सामना
    खुश रहकर खुशी बिखेरें
    यही है मेरी शुभकामना।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बढ़िया सन्देश देती रचना
    आभार !
    आपको भी दीपावली की
    हार्दिक शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  11. दीपावली केशुभअवसर पर मेरी ओर से भी , कृपया , शुभकामनायें स्वीकार करें

    उत्तर देंहटाएं
  12. सुन्दर सन्देश देती हुई प्यारी
    रचना आपको भी दीपावली की
    हार्दिक शुभकामनायें.
    आनन्द विश्वास

    उत्तर देंहटाएं

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