गुरुवार, 5 जनवरी 2012

सूरज छिपा रजाई अन्दर

सूरज छिपा रजाई अन्दर,
धरती धूप बिना ठिठुराती.
जाना पड़ता स्कूल ठण्ड में,
तुमको दया नहीं क्यों आती.


सुबह सुबह कोहरा होता है, 
शाम ठण्ड में खेल न पाते.
जब भी तुम गायब होते हो,
बादल भी बारिस कर जाते.


मम्मा ने हम को समझाया,
मौसम आते  जाते  रहते.
हर मौसम का मजा है अपना,
हर मौसम हमको कुछ देते.


सर्दी बिन न गजक रेवड़ी,
और मिले न गाजर हलवा.
गर्मी अगर न आती जग में,
मिलते नहीं आम खरबूजा.


ठीक तरह से कपडे पहनो,
फिर सर्दी के मजे उड़ाओ.
हीटर के तुम पास बैठकर,
मूंगफली मस्ती से खाओ.


कैलाश शर्मा

23 टिप्‍पणियां:

  1. शुक्रवार भी आइये, रविकर चर्चाकार |

    सुन्दर प्रस्तुति पाइए, बार-बार आभार ||

    charchamanch.blogspot.com

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  2. मम्मा ने हम को समझाया,
    मौसम आते जाते हैं रहते.
    @ बहुत ही अच्छी बाल कविता....

    बस, उपर्युक्त पंक्तियों में 'हैं' को निकाल बाहर करिये...
    बाक़ी त्रुटियाँ क्षम्य हैं.... बस गेयता में यही अखर रही है...

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  3. मम्मा ने हम को समझाया,
    मौसम आते जाते हैं रहते.
    हर मौसम का मजा है अपना,
    हर मौसम हमको कुछ देते.

    बहुत प्यारी बाल कविता!

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  4. वाह ...प्यारी -प्यारी बाल रचना

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  5. बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
    मौसम का सही चित्रण किया गया है इस बालरचना में!

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  6. शीत ऋतु पर सुंदर बालोपयोगी रचना. नन्हें-मुन्ने इस गीत का बहुत आनंद उठा रहे होंगे.

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  7. sardi garmi the do bhayi
    kapdon par ki thi ladayi
    sardi bola mere kapde sunder
    garmi bola to lage inme bander...

    ha.ha.ha.

    aisa bhi ho sakta hai na.....?

    apki rachna padh kar ye lines u hi ban gayi.
    apki abhivyakti man-bhawan.

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  8. सर्दी बिन न गजक रेवड़ी,
    और मिले न गाजर हलवा.
    गर्मी अगर न आती जग में,
    मिलते नहीं आम खरबूजा.waah.

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  9. बहुत प्यारी-प्यारी बाल रचना|

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  10. गेयता और ज्ञान से परिपूर्ण सुन्दर बाल गीत .

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  11. बहुत सुंदर बालकविता !

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  12. baccho ke man ki baat badi hi sarlata se kah di aapane

    mere blog par bhi aaiyega
    umeed kara hun aapko pasand aayega
    http://iamhereonlyforu.blogspot.com/

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  13. इस बार की ठण्ड वैसे भी बहुत कमाल की हैं


    बच्चो के लिए लिखी गई सार्थक कविता

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  14. बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति......
    मेरे ब्लॉग का समर्थक बनने के लिए आपका धन्यवाद
    http://vicharbodh.blogspot.com

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  15. baccho ke man ki baat bade khubsurat tarike se aapne keh di.

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  16. खूब मजेदार सरदी की कविता

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  17. अत्यधिक प्रशंसनीय रचना.....
    संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएं...

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  18. वाह ! प्यारी बाल रचना
    बहुत बढ़िया

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