शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

जंगल में नव वर्ष मनेगा

शेर खान ने हुक्म सुनाया,
जंगल में नव वर्ष मनेगा.
सामिल होंगे सब पशु पक्षी,
नाच गान का रंग जमेगा.


जंगल में मैदान बड़ा था,
हुए इकट्ठे सब पशु पक्षी.
बिल्ली चूहा भूल दुश्मनी,
मिल कर नाचे खुशी खुशी.


भालू ने जब किया भांगड़ा,
मीठा कोयल ने गीत सुनाया.
और लोमड़ी लगी नाचने,
बन्दर डमरू ले कर के आया.


नाच मोर का सबसे अच्छा, 
हाथी ने करतब दिखलाया.
भूल दुश्मनी गले मिले सब,
प्यार देख जंगल हर्षाया.


शेरखान खुश हो कर बोला,
जंगल में कितना मंगल है.
शहरों से यह जंगल अच्छा
हर रोज वहां पर तो दंगल है.


नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !


कैलाश शर्मा

17 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तम ! आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को नव-वर्ष २०१२ की ढेरों शुभकामनाये !

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  2. बहुत ही प्यारी कविता है सर!

    आने वाले नए वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएँ।

    सादर

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  3. happy new year

    आने वाले नए साल की ढेरो शुभकामनाएँ

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  4. .बहुत सुंदर बालकविता अर्थ समेटे हुए

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  5. वाह ...जंगल में तो नए साल का मंगल हो रहा है

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  6. वाह जनागल में मगल ...अब तो बच्चों को भी लगता होगा शायद शहरों कि राजनीति से तो जंगल का कानून ही अच्छा है।

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  7. सुंदर बाल कविता , नए साल की शुभकामनाएँ.

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  8. बहुत सुंदर बालकविता|
    नए वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएँ।

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  9. ये तो बहूत हि अलग तरीका है नव वर्ष मनाने का ...
    नव वर्ष कि ढेर सारी शुभकामनाये...

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  10. सुंदर प्रस्तुती,.....
    नववर्ष 2012 की हार्दिक शुभकामनाए..

    --"नये साल की खुशी मनाएं"--

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  11. सुंदर प्रस्तुती
    नव वर्ष कि शुभकामनाये

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  12. प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट " जाके परदेशवा में भुलाई गईल राजा जी" पर आपके प्रतिक्रियाओं की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी । नव-वर्ष की मंगलमय एवं अशेष शुभकामनाओं के साथ ।

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  13. बहुत सुंदर,
    नए वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएँ।

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