शुक्रवार, 5 सितंबर 2014

शिक्षक दिवस

            **शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को सादर नमन**

बच्चे तो कच्ची मिट्टी हैं,
शिक्षक उससे मूरत गढ़ते।
नमन आज उन गुरुओं को,
मूरत में सद्गुण रंग भरते।

केवल अक्षर ज्ञान न देते,
आगे बढ़ने की राह बताते।
जीवन के इस अंधकार में,
सदा ज्ञान का दीप जलाते।

प्रेम, धैर्य, सद्गुण हों जिसमें,
वह सच्चा शिक्षक है होता।
स्नेह और मृदुता हो जिसमें,
बच्चों को है वह प्रिय होता।

शिक्षक का सम्मान जो करते,
वे सदैव उनके प्रिय बन रहते।
पूज्य हों शिक्षक जिस समाज में,
अज्ञान, अशिक्षा वहां न रहते।


...कैलाश शर्मा 

17 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर सामयिक प्रस्तुति
    शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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  2. बहुत सुन्दर ! शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर ! शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (06-09-2014) को "एक दिन शिक्षक होने का अहसास" (चर्चा मंच 1728) पर भी होगी।
    --
    सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए,
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को शिक्षक दिवस की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  5. नमन आज उन गुरुओं को,
    मूरत में सद्गुण रंग भरते। अक्षरशः सत्य !

    उत्तर देंहटाएं
  6. शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं 

    उत्तर देंहटाएं
  7. शिक्षक का सम्मान हो तो समाज तरक्की करता है ... अच्छी भावपूर्ण रचना ...
    बधाई शिक्षक दिवस की ...

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  8. अर्थपूर्ण एवं सार्थक सन्देश देती बहुत सुन्दर रचना ! गुरु शिष्य का नाता परम पवित्र व् निश्छल होता है और इसकी गरिमा को बनाए रखना परम आवश्यक है !

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