बाल गीत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बाल गीत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 5 सितंबर 2014

शिक्षक दिवस

            **शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को सादर नमन**

बच्चे तो कच्ची मिट्टी हैं,
शिक्षक उससे मूरत गढ़ते।
नमन आज उन गुरुओं को,
मूरत में सद्गुण रंग भरते।

केवल अक्षर ज्ञान न देते,
आगे बढ़ने की राह बताते।
जीवन के इस अंधकार में,
सदा ज्ञान का दीप जलाते।

प्रेम, धैर्य, सद्गुण हों जिसमें,
वह सच्चा शिक्षक है होता।
स्नेह और मृदुता हो जिसमें,
बच्चों को है वह प्रिय होता।

शिक्षक का सम्मान जो करते,
वे सदैव उनके प्रिय बन रहते।
पूज्य हों शिक्षक जिस समाज में,
अज्ञान, अशिक्षा वहां न रहते।


...कैलाश शर्मा 

शुक्रवार, 13 दिसंबर 2013

माँ मुझको एक गीत सुना दो

आज नहीं सुननी है मुझको
राजा रानी की नई कहानी।
मेरे मन में जो प्रश्न उठे हैं 
आज उन्हें माँ तुम सुलझा दो।

तितली रंग बिरंगी क्यों हैं, 
इनके पंख कौन है रंगता।
उड़ती रहती फूल फूल पर
माँ मुझको यह राज बता दो।

चाँद कहाँ दिन में जाता है,
सूरज कहाँ रात्रि में सोता।
दोनों साथ नहीं क्यों रहते,

बात मुझे माँ यह समझा दो।

अलग अलग क्यों रंग फलों के,     
क्यों कुछ खट्टे, कुछ मीठे होते।
कुछ छोटेकुछ बड़े क्यों होते,

माँ मुझ को कारण समझा दो।

पक्षी क्यों उड़ पाते नभ में,
शेर नहीं है क्यों उड़ पाता।
चिड़िया सा मैं उड़ न पाता,    
मुझ को माँ कारण बतला दो।

इन प्रश्नों को कल समझाना, 
मुझको नींद आ रही अब है।
अब तो प्यारे मीठे स्वर में,

माँ मुझको एक गीत सुना दो।

.....कैलाश शर्मा



बुधवार, 13 मार्च 2013

कोयल


कोयल तन की काली होती,
मीठी बोली से मन हर लेती.
अपने मधुर स्वरों के कारण,
जीत प्यार जग का वह लेती.

कौआ कोयल दोनों ही काले,
केवल वाणी में ही अंतर होता.
होती काँव काँव कटु कौए की
कोयल कूक से मन खुश होता.

रंग रूप का मूल्य न होता,
जग में गुण ही हैं पूजे जाते.           
मुंह से निकले शब्द तुम्हारे,
पहचान तुम्हारी हैं बन जाते.

सदा याद रखना तुम बच्चो,
मृदु व्यवहार सभी से रखना.
मीठी वाणी से प्यार पाओगे,           
कटुक वचन कभी न कहना.

कैलाश शर्मा 
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...