रविवार, 8 मई 2011

मेरी माँ

मम्मा कितनी प्यारी होती,
जग में  सबसे  न्यारी होती.

सबसे  पहले  वह  उठ जाती,
मुझे जगा कर ब्रुश करवाती.
ब्रेकफास्ट मुझ को करवाकर,
फिर  स्कूल   छोड़ने   जाती.

आने पर स्कूल से माँ को
सारी  बातें  मैं  बतलाता.
मम्मी से स्टोरी सुनकर,
दुपहर को सोने मैं जाता.

माँ के साथ शाम को जाता,
और पार्क में  बॉल  खेलता.
रोज नये वो  खेल सिखाती,
जिनको सब के साथ खेलता.

मेरी मम्मा बहुत है अच्छी,
नयी  कहानी रोज  सुनाती.
उनकी बांहों पर सिर रखकर, 
मुझको है निन्ना आ जाती.

क्या  हम  छोटे  बच्चे करते,
गर मम्मा का साथ न होता.
जीवन  कितना  सूना  होता,
गर मम्मा का प्यार न होता.

                                        HAPPY MOTHER'S DAY

13 टिप्‍पणियां:

  1. मातृ दिवस पर आधारित बहुत सुन्दर बालकविता| धन्यवाद|

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  2. क्या हम छोटे बच्चे करते,
    गर मम्मा का साथ न होता.
    जीवन कितना सूना होता,
    गर मम्मा का प्यार न होता.


    मातृ दिवस की बधाई ।बहुत सुन्दर भाव है

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  3. बहुत सुन्दर रचना!
    --
    मातृदिवस की शुभकामनाएँ!
    --
    बहुत चाव से दूध पिलाती,
    बिन मेरे वो रह नहीं पाती,
    सीधी सच्ची मेरी माता,
    सबसे अच्छी मेरी माता,
    ममता से वो मुझे बुलाती,
    करती सबसे न्यारी बातें।
    खुश होकर करती है अम्मा,
    मुझसे कितनी सारी बातें।।

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  4. मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं.

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  5. Bahut hi sundar Abhvyakti... plz visit my blog and give me ur valuable comments = http://yogeshamana.blogspot.com/

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  6. अगर हम भी बड़े न होते बच्चे ही रहते तो, सोचो दुनिया कैसी होती ?मातृ दिवस की बधाई ।बहुत सुन्दर कविता ...

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  7. बहुत सुन्दर...सच लिखा है बच्चो का सारा जीवन ही तो मम्मा होती है

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  8. बहुत सुन्दर ....मेरी मम्मा जैसे

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  9. बालजीवन रुपी पृथ्वी की माँ धुरी है.. Happy Mother's Day :)

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