शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

हंसी खुशी दीपावली मनायें

एक एक दीपक सब लाओ, 
जहां अँधेरा वहां जलाओ.    

होते सब त्यौहार सभी के,
इन्हें सभी के साथ मनाओ,
भेद भाव से दूर रहो तुम,
सब को अपने गले लगाओ.

फुलझड़ियों सी हों मुस्कानें,
हों अनार से खिलते चेहरे.
रहे प्रकाशित सारा जीवन,
मुश्किल नहीं राह में ठहरे.

आसमान उतरा जमीन पर,
चमक रहे धरती पर तारे.
खुशियों की इस दीवाली पर,
घर आँगन लगते हैं प्यारे.

पूजन करके साथ सभी के,
हंसी खुशी दीपावली मनायें.
घर में जो पकवान बने हैं,
आओ सब मिलकर के खायें.

****दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें****

....कैलाश शर्मा 

18 टिप्‍पणियां:

  1. हार्दिक शुभकामनायें आदरणीय-

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  2. बिलकुल दीपोत्‍सव जैसी सुन्‍दर कविता।................. (खिलते चहरे.) में (चेहरे) की टाइपिंग त्रुटि ठीक कर लें।

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  3. बहुत सुंदर बाल रचना ,,,
    दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ।।

    RECENT POST -: तुलसी बिन सून लगे अंगना

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  4. छोटी दिवाली कि हार्दिक शुभकामनायें

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  5. खुबसूरत अभिवयक्ति...... शुभ दीपावली

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  6. शुभ दीपावली !!आशा है कि आप सपरिवार सकुशल होंगे |
    सुन्दर रचना !!

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  7. बहुत प्यारी रचना ! दीपावली की सभीको सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें !

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  8. वाह ... जैसे दीप जल उठे सब जगह ... मन मोहक रचना ...
    दीपावली के पावन पर्व की बधाई ओर शुभकामनायें ...

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  9. बहुत सुन्दर रचना ... दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  10. मनभावन सन्देश परक भाव गीत।संस्कृति वंदन सा।

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  11. दीपों से देदीप्यमान मनमोहक रचना ,सर जी सादर

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