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शनिवार, 9 मई 2015

गर्मी मीठे फल है लाती

लाल लाल तरबूजे लाती,
गर्मी मीठे फल है लाती.

आम फलों का राजा होता,
बच्चों को मनभावन लगता.
मीठे पके आम सब खाते,
मेंगो शेक भी अच्छा लगता.

खरबूजा गर्मी में आता,
मीठा गूदा मन को भाता.
ठंडा करके जब यह खाते,
तन मन है हर्षित हो जाता.

गोल गोल अंडे सी लीची,
मीठा कितना गूदा होता.
नमक लगा कर जामुन खाओ,
इनका मज़ा अलग है होता.

हर मौसम का मज़ा है अपना.
हर मौसम कुछ अच्छा लाता.
लस्सी शेक व शरबत पी कर,
तन मन है ताज़ा हो जाता.

...© कैलाश शर्मा 

मंगलवार, 7 मई 2013

गर्मी की छुट्टियाँ हो गयीं


अब पुस्तक हैं बंद हो गयीं,
गर्मी की छुट्टियाँ हो गयीं.

अब न ज़ल्दी उठना होता,
न स्कूल की चिंता होती.
वीडियो गेम हैं रोज़ खेलते,
कार्टून पर रोक न होती.

अब मस्ती होती है दिन भर,
चिंतायें सब ख़त्म हो गयीं.

जायेंगे घूमने पहाड़ पर,
हम ऊँचे ऊँचे पहाड़ देखेंगे.
कहीं पे बहते झरने होंगे,
नयी नयी जगह देखेंगे.

ठंडा मौसम होगा पहाड़ पर,
गर्मी से छुट्टी है हो गयी.

हम जायेंगे नानी के भी,
रोज नए पकवान खायेंगे.
घूमेंगे नाना के साथ में,
रोज़ नए टॉयज लायेंगे.

रोज़ सुनेंगे हम नयी कहानी,
खुशियों की बरसात हो गयी.

खुशी खुशी स्कूल जायेंगे,
फिर हम अपना बैग सजाकर.
होगी थकान सब दूर हमारी,
होगी पढ़ाई फिर मन लगाकर.

जब स्कूल खुलेंगे तब देखेंगे,
अभी तो मस्ती है हो गयी.

....कैलाश शर्मा 
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