रविवार, 27 फ़रवरी 2011

मासूम प्रश्न

रंग अलग हैं क्यों  फूलों के,
ख़ुश्बू अलग अलग क्यों होती?
दिन में जब सूरज उगता है,
रात्रि कहाँ  जाकर है  सोती?

क्यों कुछ पेड़  बड़े होते हैं,
क्यों कुछ हैं छोटे रह जाते?
चाँद कहाँ जाता है दिन में,
बादल कैसे पानी भर लाते?

तितली रंग बिरंगी क्यों हैं,
भंवरा क्यों काला होता है?
होता आम बहुत ही मीठा,
नींबू  क्यों  खट्टा  होता है?

शायद हम छोटे  बच्चे हैं,
नहीं समझ पाते हम इससे.
जब घर  डैडी  आजायेंगे 
तब हम यह  पूछेंगे उनसे.

15 टिप्‍पणियां:

  1. कैलाश जी आप कैसे एक बच्चे को जीते हैं ।
    भाव बच्चे के । परिपक्वता मँझे हुये कवि की ।
    कविता बहुत सुन्दर भावपूर्ण है ।

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  2. कविता बहुत सुन्दर भावपूर्ण है|धन्यवाद|

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  3. बतमन में उठती जिज्ञासा को लेकर बहुत सुन्दर रचना!

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  4. सच मे बच्चों के प्रश्न बहुत मासूम होते हैं कई बार हम भी उनका जवाब नही दे पाते। सुन्दर रचना। बधाई।

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  5. में अभी भी समझने कि कोशिश करता हूँ..परन्तु विफल रहता हूँ :))))))))
    अद्वितीय कविता कैलाश सर... धन्यवाद.

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  6. aadarniy sir
    pahli baar aapke is blig par aai hunaur bahut bahut achha laga yahan aakar.
    bahut hi khoobsurat tareeke se aapne bachchon ke man me ghumadte hue sawalo ko ptastut kiya hai.
    sach mebachcho ki jigyasa shant karne bahut hi tedhi baat hai.
    dhanyvaad
    poonam

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  7. bachcho ko sabdo me jeena.........wo bhi iss umar me:)
    bahut khub!

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  8. बालमन के भावना को समझती हुई अच्छी कविता ..........

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  9. बालमन की कोमलता और अबोधपन को स्पर्श करती बहुत सुन्दर रचना....

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